कुछ ही पल में क़रीब इस क़दर हो गए
सफ़र से पहले ही हमसफ़र हो गए
असरदार कहते थे ख़यालों को मेरे
आपसे मिलके सब बेअसर हो गए
माना अलग हैं नज़रिये हमारे मगर
तलाश-ए-ख़ुद में हमनज़र हो गए
सिलसिला-ए-गुफ़्तगू चलती ही रहे
ये उम्मीद है अलग हम अगर हो गए
कुछ ही पल में क़रीब इस क़दर हो गए
सफ़र से पहले ही हमसफ़र हो गए
असरदार कहते थे ख़यालों को मेरे
आपसे मिलके सब बेअसर हो गए
माना अलग हैं नज़रिये हमारे मगर
तलाश-ए-ख़ुद में हमनज़र हो गए
सिलसिला-ए-गुफ़्तगू चलती ही रहे
ये उम्मीद है अलग हम अगर हो गए
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