सलामत रखना

हम दोनों की खुदी को सलामत रखना
इस मोहब्बत नयी को सलामत रखना

बुलबुल को रश्क़ है जिसकी मीठी आवाज़ से
उस सुरीली हसी को सलामत रखना

उसे डर है कि किसी दिन टूट जाएगी
उसकी नाज़ुक खुशी को सलामत रखना

तेरी रहमत क़ुबूलने दिल वापिस जोड़ा
इस कासे की हस्ती को सलामत रखना

खूब खेलने लगा मुझमें छिपा बच्चा
उसमें छिपी बच्ची को सलामत रखना

जिसके लिए कुर्बान हो सकता है ‘मिसरा’
उसकी सलामती को सलामत रखना